0521 modifamily - dainik bhaskar report on Adarsh ​​Society scam 
घोटाला: कार ड्राइवर ने देश में जाल बिछाया, 20 लाख लोगों के 14,800
करोड़ हड़पे

dainik bhaskar report on Adarsh ​​Society scam घोटाला: कार ड्राइवर ने देश में जाल बिछाया, 20 लाख लोगों के 14,800 करोड़ हड़पे

हिंदी न्युज


सहकारिता क्षेत्र में देश के सबसे बड़े आदर्श क्रेडिट
कोऑपरेटिव सोसायटी घाेटाले पर भास्कर रिपोर्ट

इस कोऑपरेटिव सोसायटी ने देश के 20 लाख निवेशकों से 806
शाखाओं में रकम जमा कराई थी

निवेशकों के 14,800 करोड़ में से 12,414 करोड़ रिश्तेदारों और
नौकरों की सैकड़ों फर्जी कंपनियों में बांट दिए

घोटाले में आरोपी वीरेंद्र मोदी के परिवार के 11 और 3 अन्य
लोग शामिल, एक बच्चे को छोड़कर घर के सारे पुरुष जेल में

Dainik Bhaskar
Sep 11, 2019, 11:49 AM IST

पाली (वीरेंद्र उदेश). सहकारिता के क्षेत्र में
देश के सबसे बड़े आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी घोटाले में
विशेष अभियान दल (एसओजी) ने 40 हजार पन्नों की चार्जशीट पेश की
है। चार्जशीट में कई चौंकाने वाले सच सामने आए हैं। ये घोटाला
कैसे हुआ और किसकी क्या भूमिका थी? जैसे कई सवालों का जवाब नहीं
मिला था। भास्कर टीम ने पूरी चार्जशीट हासिल कर आदर्श महाघोटाले
की पूरी कहानी जानी।

 

इसमें सामने आया कि सिराेही जैसे छाेटे से शहर में कभी टैक्सी
ड्राइवर और कैसेट रिकॉर्डिंग का काम करने वाले वीरेंद्र मोदी
(वीरू मोदी) ने अपने भाई मुकेश और भरत के साथ 28 राज्यों में
आदर्श सोसाइटी की 806 शाखाएं खोलीं। इसमें परिवार के 11 लोगों
समेत नौकर और ड्राइवर तक को डायरेक्टर बना दिया। दुगने धन जैसे कई
झांसे देकर 20 लाख लोगों से 14,800 करोड़ रुपए हड़पे। निवेशकों के
12,414 करोड़ रु. तो रिश्तेदारों व नौकरों की सैकड़ों फर्जी
कंपनियों में बांटे। एसओजी ने 6 महीने की जांच के बाद मोदी
परिवार के 11 के अलावा अन्य 3 लोगों को गिरफ्तार किया।

 

 

वीरेंद्र मोदी: 57 वर्षीय वीरेंद्र पुत्र पंकज
मोदी ने 1999 में पहली शाखा सिरोही में खोली। भाई, भाभी, भतीजी,
दामाद, महिला को निवेशकों की राशि में से 12414 करोड़ लोन में
बांटने का आरोप। 

मुकेश मोदी: वीरेंद्र का भाई, जो बाद में
 सोसाइटी का संस्थापक अध्यक्ष बना। फर्जी शैल कंपनियां बना
लोन की राशि बांट दी। पत्नी मीनाक्षी और दामाद वैभव लोढ़ा को
720 करोड़ का कमीशन दिया।

भरत मोदी: वीरेंद्र मोदी का चचेरा भाई।
187 लोगों के खाते में निवेशकों की राशि में से 12414 करोड़ को
फर्जी कंपनी बना लोन राशि आगे से आगे बांटी। 31 मई से जेल में।

राहुल मोदी: वीरेंद्र मोदी का पुत्र। एसओजी की
चार्जशीट में आरोप है कि निवेशकों की जमा राशि में 12414 करोड़
रुपए फर्जी शैल कंपनी बना लोन के रूप में बांटे।

समीर मोदी: भरत मोदी का बेटा। चीफ फाइनेंस
ऑफिसर रहते हुए 3 साल के वेतन में नियम विरुद्ध 45 करोड़ 40 लाख
रु. उठाए। फर्जी कंपनी बना 447 करोड़ का लोन बांटा। 31 मई से
जेल में।

रोहित मोदी: वीरेंद्र का पुत्र और सोसाइटी
एमडी। निवेशकों की राशि में 12414 करोड़ फर्जी शैल कंपनी बना
लोन बांटा। नोटबंदी में 223 करोड़ खुदबुर्द किए। गिफ्ट देनेे की
आड़ में 240 करोड़ उठाए।

प्रियंका मोदी: मुकेश की बेटी। तीन साल
डायरेक्टर रही। निवेशकों की राशि से 75 करोड़ का वेतन उठाया।
अपनी तीन कंपनी में 50 करोड़ व सैकड़ों फर्जी कंपनियों में 300
करोड़ से ज्यादा लोन लिया। 31 मई से जेल में है।

वैभव लोढ़ा: जोधपुर निवासी। मुकेश का दामाद।
सास मीनाक्षी से मिल कर महावीर कंसल्टेंसी नाम से फर्जी फर्म
बनाई। फर्म ने सोसाइटी का एडवाइजर के रूप में 720 करोड़ बतौर
कमीशन हड़पे । 31 मई से जेल में है।

 

एसओजी ने चार्जशीट में तर्क दिया है मोदी बंधुओं ने इतालवी ठग
चार्ल्स पाेंजी की तरह ठगी को अंजाम दिया। चार्जशीट में उल्लेख है
कि पोंजी ने 1920 के दशक में उ. अमेरिका व कनाडा में फर्जी
कंपनियां खोलकर 20 मिलीयन डॉलर का घोटाला किया था। वीरेंद्र,
मुकेश, भरत व राहुल समेत उनके परिवार के लोगों ने इसी तरह सोसायटी
खोलकर घोटाला किया।

 

1999 में पहली शाखा, 13 में पूरे देश में 806
ब्रांच

सिरोही में 1999 में वीरेंद्र औक मुकेश ने पहली शाखा खोली। 4 साल
में राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र व मप्र में 309 शाखाएं खोलीं।
2012 तक 806 शाखाएं हो गई। नोटबंदी में भी 223 करोड़ रु. बदलवाए।
फर्जी फर्म से सैकड़ों कंपनियां खोली।

 

…और ऐसे ठगी की कहानी का अंत
जुलाई, 2018 में एसओजी को शिकायत मिली। 6 महीने की जांच में पता
लगा कि सोसाइटी ने देश के 20 लाख निवेशकों से 806 शाखाओं में रुपए
जमा कराए। इनमें से 14800 करोड़ हड़प लिए। दिसंबर 2018 में मोदी
सहित अन्य के खिलाफ केस हुआ।

 

Rashifal strip2 - dainik bhaskar report on Adarsh ​​Society scam 
घोटाला: कार ड्राइवर ने देश में जाल बिछाया, 20 लाख लोगों के 14,800
करोड़ हड़पे

 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *